नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आखिरकार कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी खुशखबरी दे दी है। मंगलवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में 8th Pay Commission (आठवां वेतन आयोग) के गठन को मंजूरी मिल गई है। यह फैसला देश के करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख से ज्यादा पेंशनर्स के लिए राहत लेकर आया है।
सूत्रों के अनुसार, यह आयोग अपनी सिफारिशें 18 महीने के भीतर पेश करेगा और 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकता है।
🔹 हर 10 साल में बनता है नया वेतन आयोग
भारत में हर 10 साल के अंतराल पर केंद्र सरकार द्वारा कर्मचारियों के वेतन और पेंशन स्ट्रक्चर की समीक्षा के लिए नया Pay Commission गठित किया जाता है। पिछली बार 7वां वेतन आयोग (7th Pay Commission) फरवरी 2014 में गठित हुआ था और इसे 1 जनवरी 2016 से लागू किया गया था।
अब 8वें वेतन आयोग (8th CPC) के गठन के साथ कर्मचारियों को उम्मीद है कि फिटमेंट फैक्टर बढ़ने से बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा।
🧾 8th Pay Commission में कौन होंगे सदस्य?
सरकार ने बताया है कि न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई को आठवें वेतन आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
वहीं IIM बैंगलोर के प्रोफेसर पुलक घोष और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव पंकज जैन को सदस्य बनाया गया है।
कैबिनेट मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि आयोग विभिन्न मंत्रालयों और राज्य सरकारों से सुझाव लेकर सैलरी, पेंशन, और भत्तों की समीक्षा करेगा।
💸 कितनी बढ़ सकती है सैलरी?
सरकारी कर्मचारियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है — “8th Pay Commission के बाद सैलरी कितनी बढ़ेगी?”
हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं हुआ है, लेकिन फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) के आधार पर मोटे अनुमान लगाए जा रहे हैं।
7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 गुना रखा गया था।
अगर इसे बढ़ाकर 3.0 से 3.42 गुना किया जाता है, तो बेसिक सैलरी में 25% से 35% तक की बढ़ोतरी संभव है।
उदाहरण के तौर पर —
एक Lower Division Clerk (LDC) जिसकी बेसिक सैलरी ₹18,000 है, उसकी सैलरी 8वें वेतन आयोग के बाद ₹59,700 तक पहुंच सकती है।
इसमें DA, HRA और अन्य भत्ते जोड़ने पर कुल इन-हैंड सैलरी ₹75,000 या उससे अधिक हो सकती है।
🔹 पेंशनर्स को भी मिलेगा फायदा
8th Pay Commission के लागू होने के बाद सिर्फ कर्मचारियों की सैलरी ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि 69 लाख से अधिक पेंशनर्स को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।
पेंशन स्ट्रक्चर को भी उसी फिटमेंट फैक्टर के आधार पर एडजस्ट किया जाएगा, जिससे रिटायर कर्मचारियों की मासिक आय में बड़ा सुधार होगा।
📅 कब से लागू होगा 8वां वेतन आयोग?
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकता है।
आयोग को गठन की तारीख से 18 महीनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी, जिसके बाद केंद्र सरकार उसकी सिफारिशों को मंजूरी देगी।
🏛️ किस मंत्रालय ने क्या कहा?
सूत्रों के मुताबिक, 8th Pay Commission के गठन से पहले केंद्र ने रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) और राज्य सरकारों से परामर्श लिया था।
इसके बाद Terms of Reference (ToR) को अंतिम रूप दिया गया, जिसमें कर्मचारियों की लागत, महंगाई दर, और उत्पादकता के पैमाने शामिल हैं।
⚙️ 8th Pay Commission Highlights
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| आयोग का नाम | 8th Pay Commission (आठवां वेतन आयोग) |
| लागू होने की तिथि | 1 जनवरी 2026 (संभावित) |
| गठन की मंजूरी | केंद्रीय कैबिनेट, 28 अक्टूबर 2025 |
| अध्यक्ष | न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई |
| सदस्य | पुलक घोष (IIM बैंगलोर), पंकज जैन (सचिव, पेट्रोलियम मंत्रालय) |
| लाभार्थी | 50 लाख कर्मचारी, 69 लाख पेंशनर्स |
| रिपोर्ट जमा करने की समयसीमा | 18 महीने |
📈 क्या होगा असर?
आठवां वेतन आयोग लागू होने के बाद देशभर के केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में 30–35% तक बढ़ोतरी की उम्मीद है।
इससे महंगाई भत्ते (DA) में भी क्रमिक बढ़ोतरी होगी, जिससे कुल इन-हैंड पेमेंट में बड़ा अंतर आएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, इससे सरकारी कर्मचारियों की खरीद क्षमता (Purchasing Power) बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था में भी Positive Impact देखने को मिलेगा।










